Friday, February 2, 2018

हस्त रेखा - हृदय रेखा



हथेली पर हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा के उपर और अंगुलियों के नीचे होती है (चित्र में रेखा न. 3 ). हथेली में हृदय रेखा का अपना विशिष्ट स्थान है, यह रेखा अधिकांशत विवाह रेखा यानि सबसे छोटी अँगुली के लगभग एक इंच नीचे से निकल कर किसी क्षेत्र पर जा सकती है व किन्हीं भी रेखाओं से इनका संबंध हो सकता है।इसकी समाप्ति स्थान मुख्यतः गुरु पर्वत यानि तर्जनी अंगुली के नीचे होता है, लेकिन कभी-कभी इसका अंत शनि पर्वत या सूर्य पर्वत पर ही हो जाता है। किसी-किसी के हाथ में ये रेखा होती ही नहीं और किसी- किसी की हथेली में इस रेखा का मिलन मस्तिष्क रेखा पर होता है। 

  1. अगर हृदय रेखा दूसरे छोर तक पहुंचने से पहले ही बीच में टूट जाये या समाप्त हो जाये  तो  इससे   प्रेम संबंधों में बड़ी असफलता मिलने का संकेत होता है।
  2. हृदय रेखा से निकलते हुए अगर कोई रेखा सीधे शुक्र पर्वत पर जाकर मिलती है तो यह  धन और सफलता मिलने का संकेत है।
  3. अगर हृदय रेखा से निकलते हुए कोई रेखा सीधे गुरु पर्वत पर जाती है तो ऐसा व्यक्ति अत्याधिक धार्मिक प्रवृत्ति के साथ अत्यंत शिक्षित और सदाचार वाला होता है।
  4. अगर हथेली पर हृदय रेखा स्पष्ट और  साफ है तो इसका आशय है कि  ऐसा व्यक्ति बहुत संवेदनशील प्रकृत्ति का  हैं।
  5. अगर  हृदय रेखा चेन नुमा नजर आती है तो इसका अर्थ है कि ऐसा व्यक्ति बहुत चतुर और चालाक प्रवृत्ति के इंसान हैं।
  6. हृदय रेखा का सीधे अनामिका अंगुली से जाकर मिलना यह दर्शाता है कि ऐसा व्यक्ति बहुत स्वार्थी और सिर्फ अपने हितों का ही सोचने वाला है।
  7.  हृदय रेखा अपने उद्गम स्थान से निकल कर गुरु पर्वत तक जा पहुँचे तो ऐसा जातक धार्मिक, न्यायाधीश, प्रोफेसर, धर्म का ज्ञाता, पुजारी, राजनेता होकर सदैव प्रसन्न रहने वाला होगा। यहाँ यह जानना आवश्यक है की यह रेखा  कहीं से भी कटी या जंजीरदार नहीं होना चाहिए।
  8.  यदि हृदय रेखा का कहीं से कटा होना, फिर आगे बढ़ना दिखता है तो ऐसा व्यक्ति को हृदय से संबंधित विकार या अन्य कष्ट जैसे प्रेम में आघात दर्शाता  हैं।
  9.  हृदय रेखा यदि शनि पर्वत पर मुड़ जाए तो ऐसा व्यक्ति या तो बहुत निर्दयी होगा या बहुत ही दयावान-परोपकारी हो सकता है, क्योंकि शनि मोक्ष का भी कारक है।
  10.  हृदय रेखा का मिलाप यदि मस्तक रेखा से हो जाए तो ऐसा व्यक्ति सिर्फ अपने मन की ही करता है, दूसरों की बातों पर ध्यान नहीं देता।
  11.   हृदय रेखा का न होना उस जातक को कठोर बना देता है। उसके मन में दया का भाव ही नहीं होता।
  12.   हृदय रेखा जंजीर के समान हो तो वह व्यक्ति कपटी होता है, मन की बात किसी को भी नहीं बताता।
  13.  हृदय रेखा पर काला तिल होना ऐसा व्यक्ति के लिए अनिष्ठकारी होता है। ऐसा व्यक्ति निश्चित ही कलंकित होता है।
  14.  हृदय रेखा पर द्वीप का चिह्न होने पर  ऐसा व्यक्ति को बार बार धोखे मिलता है।
  15.  हृदय रेखा पर वृत्त का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति का मन अत्याधित कमजोर होता है ।
  16.  हृदय रेखा के मध्य गुच्छा जैसे कोई चिह्न दिखाई दे तो ऐसा व्यक्ति घमंडी होता है।
  17.  हृदय रेखा पर गुरु पर्वत के नीच पहुँचकर कई शाखाएँ हो तो ऐसा व्यक्ति शक्ति संपन्न व भाग्यशाली होगा।
  18.  बहुत पतली हृदय रेखा या बहुत गहरी लाल रंग की हो तो ऐसा व्यक्ति दुर्भाग्यशाली व कठोर होगा।
  19.  सामान्य से अधिक चौड़ी रेखा हो तो ऐसा व्यक्ति वायु विकार से ग्रस्त रहता है व उच्च रक्तचाप भी होता है।
  20.  शुक्र पर्वत से निकल कर कोई रेखा हृदय रेखा से जा मिले तो वह जातक अत्यधिक भोगी होगा।
  21.  चंद्र पर्वत से निकल कर हृदय रेखा पर जा पहुँचे तो उस जातक को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होता है।


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