Wednesday, February 7, 2018

अंगो पर तिल के होने का महत्त्व

माथा / ललाट पर
  1. माथे के दाहिनी ओर तिल का होना धन हमेशा बढ़ता रहेगा। ऐसे लोग धनी और सुखी होते हैं। किसी भी काम को करने की अद्भुत क्षमता होती है उनमें और सोचने-समझने की शक्ति भी कमाल की होती है।
  2. ललाट के मध्य भाग में तिल का होना भाग्यवान और निर्मल प्रेम की निशानी माना जाता है। ऐसे लोग जिंदगी में काफी सफल होते हैं।
  3. माथे के बायीं ओर तिल का होना फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है।ऐसे  लोगों को पैसे की कीमत समझ नहीं आती। एक तरफ से पैसा आए तो दूसरी तरफ से उसे उड़ाने में ये कोई कसर नहीं छोड़ते।
भौंहों पर
  1. यदि दोनों भौहों पर तिल हो तो जातक अकसर यात्रा करता रहता है। 
  2. दाहिनी पर तिल सुखमय दांपत्य जीवन का संकेत देता है।
  3. बायीं पर तिल दुखमय दांपत्य जीवन का संकेत देता है।
  4. दोनों के भौंहों के ठीक बीच में तिल होने पर व्यक्ति बहुत बुद्धिमान होता है, ये लोग अपनी बुद्धि के बल पर ही कार्यों में सफलता और पैसा प्राप्त करते हैं।
  5. भौंह के मध्य में खाली स्‍थान के बीच में त‌िल का होना बहुत ही शुभ माना गया है। यह दांपत्य जीवन के अलावा धन धान्य के ल‌िए भी बढ‌िया माना गया है।
पलकों पर तिल
  1. आंख की पलकों पर तिल हो तो जातक संवेदनशील होता है। दायीं पलक पर तिल वाले बायीं वालों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील होते हैं।

शकुन एवं अपशकुन - कुत्ता सबंधी

  1. कुत्ता यदि अचानक धरती पर अपना सिर रगड़े और यह क्रिया बार-बार करे तो उस स्थान पर गड़ा धन होने की संभावना होती है।
  2. यदि यात्रा करते समय किसी व्यक्ति को कुत्ता अपने मुख में रोटी, पूड़ी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ लाता दिखे तो उस व्यक्ति को धन लाभ होने की संभावना बनती है।
  3.  जिसके घर में कोई कुत्ता बहुत देर तक आकाश, गोबर, मांस, विष्ठा देखता है तो उस मनुष्य को सुंदर स्त्री की प्राप्ति और धन का लाभ होने के योग बनते हैं।
  4.  यदि किसी रोगी के सामने कुत्ता अपनी पूंछ या ह्रदय स्थल बार-बार चाटे तो शकुन शास्त्र के अनुसार बहुत ही जल्दी उस रोगी की मृत्यु होने की संभावना रहती है।

शकुन एवं अपशकुन - छींक सबंधी

  1. यदि घर से निकलते समय कोई सामने से छींकता है तो कार्य में बाधा आती है, लेकिन एक से अधिक बार छींकता है तो काम आसानी से पूरा हो जाता है।
  2. व्यापार आरंभ करने से पहले छींक आना व्यापार में सफलता का सूचक है।
  3.  कोई मरीज यदि दवा ले रहा हो और छींक आ जाए तो वह शीघ्र ही ठीक हो जाता है।
  4. धार्मिक अनुष्ठान या यज्ञादि प्रारंभ करते समय कोई छींकता है तो अनुष्ठान पूरा होने में समस्याएं आती हैं
  5. शकुन शास्त्र के अनुसार भोजन करने से पहले छींक की ध्वनि सुनना अशुभ माना जाता है।
  6.  यदि कोई व्यक्ति दिन के प्रथम प्रहर  में पूर्व दिशा की ओर छींक की ध्वनि सुनता है तो उसे अनेक कष्ट झेलने पड़ते हैं। दूसरे प्रहर में सुनता है तो शारीरिक कष्ट, तीसरे प्रहर  में सुनता है तो दूसरे के द्वारा स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति और चौथे प्रहर  में सुनता है तो किसी मित्र से मिलना होता है।
  7.   कोई मित्र या रिश्तेदार के जाते समय कोई उसके बांई ओर छींकता है तो यह अशुभ संकेत है। अगर जरूरी न हो तो ऐसी यात्रा टाल देनी चाहिए।
  8.  कोई वस्तु खरीदते समय यदि छींक आ जाए तो खरीदी गई वस्तु से लाभ होता है।
  9.  सोने से पहले और जागने के तुरंत बाद छींक की ध्वनि सुनना अशुभ माना जाता है।
  10.  नए मकान में प्रवेश करते समय यदि छींक सुनाई दे तो प्रवेश स्थगित कर देना ही उचित होता है या फिर किसी योग्य ब्राह्मण से इसके बारे में विचार कर ही घर में प्रवेश करना चाहिए।


अंगों के फड़कने का फल

  1. पुरुष के शरीर के दाएं भाग में फड़कता है तो उसे जल्द ही कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकता है। पुरुष के शरीर का अगर बायां भाग फड़कता है तो भविष्य में उसे कोई दुखद घटना झेलनी पड़ सकती है।  जबकि महिलाओं के मामले में यह उलटा है, यानि उनके बाएं हिस्से के फड़कने में खुशखबरी और दाएं हिस्से के फड़कने पर बुरी खबर सुनाई दे सकती है।
  2. अगर व्यक्ति की दाईं आंख फड़कती है तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी सारी इच्छाएं पूरी होने वाली हैं और अगर उसकी बाईं आंख में हलचल रहती है तो उसे जल्द ही कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लेकिन अगर दाईं आंख बहुत देर या दिनों तक फड़कती है तो यह लंबी बीमारी की तरफ इशारा करता है।
  3. दाहिनी आंख का मध्य भाग फड़के तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर धन अर्जित कर लेता है। दाहिनी आंख चारो तरफ से फड़के तो व्यक्ति के रागी होने की संभावना रहती है।
  4.  बायीं आख का फड़कना स्त्री से दुख का, वियोग का लक्षण है। बांयी आंख चारो ओर से फड़कने लगे तो विवाह के योग बनते हैं।
  5.  किसी व्यक्ति के माथे पर अगर फड़कता है  तो उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है वहीं कनपटी के पास फड़कन पर धन लाभ होता है।
  6. संपूर्ण मस्तक का फड़कना दूर स्थान की यात्रा का संकेत समझना चाहिए तथा मार्ग में परशोनियां भी आती है।
  7. सिर का मध्य भाग फड़के तो धन की प्राप्ति होती है तथा परेशानियों से मुिक्त मिलती है।
  8.  यदि ललाट मध्य से फडक़ ने लगे तो लाभदायक यात्रायें हातेी है। यदि पूरा ललाट फड़के तो राज्य से सम्मान तथा नौकरी में प्रमोशन होता है।
  9. अगर इंसान के दोनों गाल एक साथ फड़कते हैं तो इससे धन लाभ की संभावना बढ़ जाती है।
  10. किसी स्वस्थ व्यक्ति का दाहिना गाल फड़के तो उसे लाभ होता है। सुंदर स्त्री से लाभ मिलता है। किसी व्यक्ति के संतान उत्पन्न होने वाली हो और उसके बायें गाल के मध्य में फड़फड़ाहट हो तो उसके घर कन्या का जन्म होता है और जन्म होने की संभावना न हो तो पुत्री से कोई शुभ समाचार मिलता है।
  11. किसी व्यक्ति के दोनो आरे के गाल समान रूप से फडफ़डाएं तो उसे अतलु धन की प्राप्ति होती है। किसी व्यक्ति का ऊपरी होठ फडफ़डायें तो शत्रुओं से हो रहे झगडे़ में समझौता हो जाता है।दोनों होठ फडफडा़ यें तो कहीं से सुखद समाचार मिलता है।

  12.  मुंह का फड़फड़ाना पुत्र की ओर से किसी शुभ समाचार को सुनवाता है। यदि पूरा मुंह फड़के तो व्यक्ति की मनोकामनापूर्ण होती है।
  13.  किसी व्यक्ति की ठाडेी़ में फडफ़डा़हट का अनुभव हो तो मित्र के आगमन की सूचना देता है।
  14.  यदि तालु फड़के तो धन की प्राप्ति होती है। यदि बांया तालु फड़के तो व्यक्ति को जेल यात्रा करनी पड़ सकती है।
  15. यदि दाहिने कान का छेद फड़फडा़ ता है तो मित्र से मुलाकात होती है। यदि दाहिना कान फड़फड़ाता है तो पद बढ़े, अच्छे समाचार की प्राप्ति हो, विजय मिले।
  16.  यदि बांये कान का पिछला भाग फडक़ ता है तो मित्र से बुलावा आता ह अथवा कोई खुश खबरी भरा पत्र मिलता है। यदि बांया कान बजे तो बुरी खबर सुनने को मिलती है।
  17.  अगर किसी इंसान के होंठ फड़क रहे है तो इसका अर्थ है उसके जीवन में नया दोस्त आने वाला है।
  18.  अगर आपका दाया कन्धा फड़कता है तो यह इस बात का संकेत है कि आपको अत्याधिक धन लाभ होने वाला है। वहीं बाएं कंधे के फड़कने का संबंध जल्द ही मिलने वाली सफलता से है। परंतु अगर आपके दोनों कंधे एक साथ फड़कते हैं तो यह किसी के साथ आपकी बड़ी लड़ाई को दर्शाता है।
  19. अगर आपकी हथेली में हलचल होती है तो यह यह इस बात की ओर इशारा करता है कि आप जल्द ही किसी बड़ी समस्या में घिरने वाले हैं और अगर अंगुलियां फड़कती है तो यह इशारा करता है कि किसी पुराने दोस्त से आपकी मुलाकात होने वाली है।
  20.  अगर आपकी दाई कोहनी फड़कती है तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि भविष्य में आपकी किसी से साथ बड़ी लड़ाई होने वाली है। लेकिन अगर बाईं कोहनी में फड़कन होती है तो यह बताता है कि समाज में आपकी प्रतिष्ठा और ओहदा बढ़ने वाला है।
  21.  पीठ के फड़कने का अर्थ है कि आपको बहुत बड़ी समस्याओं को झेलना पड़ सकता है।
  22.  दाई जांघ फड़कती है तो यह इस बात को दर्शाता है कि आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा और बाईं जांघ के फड़कने का संबंध धन लाभ से है।
  23.  दाई पैर के तलवे के फड़कने का संबंध सामाजिक प्रतिष्ठा में हानि से और बाएं पैर के फड़कने का अर्थ निकट भविष्य में यात्रा से है।
  24. अगर अपनी भौहों के बीच हलचल महसूस होती है तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि निकट भविष्य में आपको सुखदायक और खुशहाल जीवन मिलने वाला है। इसके अलावा यह इस बात का भी संकेतक है कि आप जिस भी क्षेत्र में काम कर रहे हैं आपको उसमें अनापेक्षित सफलता मिलने वाली है।
  25. गले का फड़कना भी एक अच्छा संकेत है क्योंकि यह आपके लिए खुशहाली, सम्मान और आराम लाने वाला है।
  26. अगर किसी व्यक्ति की कमर का सीधा हिस्सा फड़कता है तो यह इस बात का संकेत है कि भविष्य में धन लाभ की संभावनाएं हैं।
  27.  किसी व्यक्ति की नाक फड़फड़ाती हो तो उसके व्यवसाय में बढ़ोत्तरी हातेी है। किसी व्यक्ति के नाक के नथुने के अंदर फड़फड़ाहट महसूस हो तो उसे सुख मिलता है। यदि नाक की जड़े फड़के तो लडा़ई झगड़ा होने की संभावना रहती है।
  28. यदि दांत का ऊपरी भाग फडफ़ ड़ाहट करता है तो व्यक्ति को प्रसन्नता प्राप्त होती है।
  29. यदि जीभ फड़के तो लड़ाई झगड़ा होता है, विजय मिलती है।
  30. यदि किसी व्यक्ति की गर्दन बांयी तरफ से फड़कती हो तो धन हानि होने की आशंका तथा गर्दन दांयी तरफ से फडके तो स्वर्ण आभूषणों की प्राप्ति होती है।
  31.  जब किसी व्यक्ति का दाहिना कंधा फड़फड़ाहट करता है तो उसे धन संपदा मिलती है। बाजू फडफ़डा़ती है तो धन और यश की प्राप्ति होती है तथा बांई ओर की बाहं फडफ़डाए तो नष्ट अथवा खोई हुई वस्तु की प्राप्ति हो जाती है।
  32.  किसी व्यक्ति के दाहिने हाथ का अंगूठा फड़फड़ाये तो उसकी अभिलाषा पूर्ति में विलबं होता है और हाथ की अंगुलियां फडफ़डा़यें तो अभिलाषा की पूर्ति के साथ-साथ किसी मित्र से मिलन होता है।
  33.  किसी व्यक्ति के दाहिने हाथ की कोहनी फड़फड़ाती है, तो किसी से झगडा़ तो होता है परतुं विजय उसे ही मिलती है आरै बायें हाथ की काहे नी फड़फडा़ यें तो धन की प्राप्ति होती है।
  34. किसी व्यक्ति के हाथ की हथेली में फड़फड़ाहट हो तो ये शुभ शकुन है। उसे आने वाले समय में शुभ सपंदा की प्राप्ति होती है।
  35.  हथलेी के किसी काने में फडफ़डा़हट हो तो निकट भविष्य में व्यक्ति किसी विपदा में फसं जाता है। बायें हाथ की हथलेी में फड़फड़ाहट हो और वह व्यक्ति रोगी हो तो उसे शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ हो जाता है।
  36.  जहां कमर की दाहिनी ओर की फड़फड़ाहट किसी विपदा का संकेतदेती है, वहीं बांई आरे की फड़फड़ाहट किसी शुभ समाचार का संकेत देती है।
  37.  छाती में फड़फडाहट होना मित्र से मिलने की सूचना, छाती के दाहिनी आरे फडफ़डा़हट हो तो विपदा का संकेत, बांयी ओर फड़फड़ाहट हो तो जीवन में सघंर्ष और मध्य में फडफ़ डाहट हो तो लाके प्रियता मिलती है।

शकुन एवं अपशकुन - सांप से सबंधी

  • कोई व्यक्ति यदि सफेद सांप देखता है तो यह एक शुभ शकुन माना जाता है। ऐसा होने पर व्यक्ति को कार्यों में सफलता मिलती है।
  • किसी मंदिर में सांप दिखना भी शुभ माना जाता है। ऐसा होने पर व्यक्ति की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
  • शिवलिंग पर यदि सांप लिपटा हुआ दिखाई दे तो यह भी बहुत शुभ शकुन होता है। ऐसा होने पर व्यक्ति को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
  • यदि किसी व्यक्ति को सांप पेड़ पर चढ़ता दिखाई देता है तो उसे समझ लेना चाहिए कि आने वाले समय में कुछ अच्छा होने वाला है। सामान्यत: ये एक शुभ शकुन है और धन मिलने की संभावनाओं को दर्शाता है।

Tuesday, February 6, 2018

शकुन एवं अपशकुन - गाय से सबंधी

गाय से सबंधी शकुन 

  • सफर करते समय यदि बांई ओर से गाय की आवाज सुनाई दे तो यह शुभ माना जाता है।
  • रात के समय अगर गाय हुंकार भरती या पुकारती है, तो यह ही शुभ शकुन माना जाता है।
  •  किसी को गाय आधी रात में रंभाती या रोती हुई दिखाई दे, तो सफर में डराने वाली परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • यात्रा पर जा रहे व्यक्ति को गाय अपने खुरों से जमीन खुरचती दिखाई दे तो आने वाले समय में उसे बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
  • यात्रा पर जाते समय गाय रोती हुई दिखाई दे, तो यात्री को मृत्यु के समान कष्ट होने की आशंका रहती है।
  • यात्री को गाय अपने बछड़े से मिलने के लिए रंभाती दिखाई दे, तो उसकी सभी इच्छाएं पूरी होने के योग बनते हैं।
  • जब गाय के ऊपर बहुत सारी मक्खियां बैठी हुई दिखाई दें, तो अच्छी वर्षा होने की संभावना मानी जाती है।
  • यात्रा करते समय यदि किसी व्यक्ति को दोनों ओर भैंस दिखाई दे, तो यात्री की मृत्यु होने का भय रहता है।
  • यदि किसी व्यक्ति को सांड अपनी बांई ओर से दाहिना ओर जाता हुआ दिखाई दे तो यह शुभ शकुन माना जाता है।
  •  यदि किसी व्यक्ति को यात्रा पर जाते समय सांड अपने सींग या खुर से जमीन खोदता हुआ दिखाई दे तो यह भी शुभ शकुन माना जाता है।

शकुन एवं अपशकुन - कौए से संबधी

कौए से संबधी शकुन

  •  बहुत से कौए यदि किसी नगर या गांव में एकत्रित होकर शोर करें, तो उस नगर या गांव पर भारी विपत्ति आने के योग बनते हैं। किसी के घर पर कौओं का झुंड आकर चिल्लाए तो भवन मालिक पर कई संकट एक साथ आ सकते हैं।
  • किसी व्यक्ति के ऊपर यदि कौआ आकर बैठ जाए, तो उसे धन व सम्मान की हानि हो सकती है।
  •  किसी महिला के सिर पर कौआ बैठता है, तो उसके पति को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
  •  कौआ यदि यात्रा करने वाले व्यक्ति के सामने आकर सामान्य स्वर में कांव-कांव करे और चला जाए तो कार्य सिद्धि की सूचना देता है।
  • कौआ पानी से भरे घड़े पर बैठा दिखाई दे तो धन-धान्य की वृद्धि होती है।
  •  कौआ मुंह में रोटी, मांस आदि का टुकड़ा लाता दिखाई दे, तो मन की इच्छा पूरी होती है।
  •  पेड़ पर बैठा कौआ यदि शांत स्वर में बोलता है, तो स्त्री सुख मिलता है।
  •  यदि कौआ ऊपर मुंह करके पंखों को फडफ़ड़ाता है और कर्कश स्वर में आवाज करता है तो वह मृत्यु की सूचना देता है।
  • यदि उड़ता हुआ कौआ किसी के सिर पर बीट करे, तो उसे रोग व संताप होता है और यदि हड्डी का टुकड़ा गिरा दे, तो उस व्यक्ति पर भारी संकट आ सकता है।
  •  यदि कौआ पंख फडफ़ड़ाता हुआ उग्र स्वर में बोलता है, तो यह अशुभ संकेत है।

शकुन एवं अपशकुन - उल्लू से सबंधी

उल्लू से सबंधी शकुन

  •  यदि कोई उल्लू किसी के घर पर बैठना प्रारंभ कर दे, तो वह घर शीघ्र ही उजड़ सकता है और उस घर के मालिक पर कोई विपत्ति आने की संभावना बढ़ जाती है।
  •  दक्षिण अफ्रीका में उल्लू की आवाज को मृत्युसूचक कहा जाता है।
  •  चीन में उल्लू दिखाई देने पर पड़ोसी की मृत्यु का सूचक मानते हैं।
  •  यदि उल्लू रात में यात्रा कर रहे व्यक्ति को होम-होम की आवाज करता मिले तो शुभ फल मिलता है, क्योंकि इसी प्रकार की ध्वनि यदि वह फिर करता है तो उसकी इच्छा रमण करने की होती है।
  • यदि किसी घर की छत पर बैठ कर उल्लू बोलता है तो उस घर के स्वामी अथवा परिवार के सदस्य की मृत्यु होने की संभावना रहती है।

शकुन एवं अपशकुन - छिपकली सबंधी

  • भौंह पर छिपकली गिरना -  धन हानि।
  • दाहिनी आंख पर छिपकली गिरना - किसी दोस्तत से मुलाकात होगी।
  •  बाईं आंख पर छिपकली गिरना  -  जल्द ही कोई बड़ी हानि होगी।
  • कंठ पर छिपकली गिरना - शत्रुओं का नाश होगा।
  • दाहिने कंधे पर छिपकली गिरना  -   विजय की प्राप्ति 
  •  बाएं कंधे पर  छिपकली गिरना  -   नए शत्रु बनते हैं।
  •  दाहिनी भुजा पर छिपकली गिरना  - तो धन लाभ मिलता है।
  •  बायीं भुजा पर छिपकली गिरना  -  संपत्ति छिनने की आशंका बढ़ती है। 
  • दाहिनी हथेली पर छिपकली गिरना -   कपड़े मिलते हैं। 
  • बाईं हथेली पर छिपकली गिरना -  धन की हानि होती है।
  • छाती के दाहिनी ओर छिपकली गिरना -  जल्द ही ढेर सारी खुशियां मिलती हैं जबकि बाईं ओर गिरने से घर में ज्यादा क्लेश होता है।
  •  पेट पर छिपकली गिरना - आभूषण की प्राप्ति होती है।
  •  कमर के बीच में अगर छिपकली गिरे तो आर्थिक लाभ मिलता है। पीठ पर दाहिनी ओर छिपकली गिरने से सुख मिलता है जबकि बाईं तरफ छिपकली गिरने का मतलब रोग का दस्तक देना है। पीठ पर बीच में अगर छिपकली गिरती है तो घर में कलह होती है।
  • नाभि पर छिपकली गिरने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
  • दाहिनी जांघ पर छिपकली गिरने से सुख मिलता है। वहीं बाईं जांघ पर छिपकली गिरने से दु:ख ही दु:ख यानी शारीरिक पीड़ा।
  • दाहिने घुटने पर छिपकली गिरने से यात्रा का संयोग बनेगा।
  •  बाएं घुटने पर छिपकली गिरने का मतलब बुद्धि की हानि है।
  •  दाएं पैर या दाएं एड़ी पर छिपकली गिरना यानी यात्रा से लाभ मिलता है।
  •  बाएं पैर या बाईं एड़ी पर छिपकली गिरने से बीमारी या घर में कलह होगी, दु:ख मिलेगा। दाएं पैर के तलवे पर छिपकली गिरने का मतलब ऐश्वर्य की प्राप्ति है। वहीं बाएं पैर के तलवे पर छिपकली गिरने का मतलब व्यापार में हानि होगी।
  • नए घर में प्रवेश करते समय यदि गृहस्वामी को छिपकली मरी हुई व मिट्टी लगी हुई दिखाई दे तो उसमें निवास करने वाले लोग रोगी हो सकते हैं । (इस अपशकुन से बचने के लिए पूरे विधि-विधान से पूजन करने के बाद ही नए घर में प्रवेश करना चाहिए)।
  • अगर छिपकली समागम करती मिले तो किसी पुराने मित्र से मिलना हो सकता है।
  • लड़ती दिखे तो किसी दूसरे से झगड़ा संभव है और अलग होती दिखे तो किसी प्रियजन से बिछुडऩे का दु:ख सहन करना पड़ सकता है।
  •  दिन में भोजन करते समय यदि छिपकली का बोलना सुनाई दे शीघ्र ही कोई शुभ समाचार मिल सकता है या फिर कोई शुभ फल प्राप्त हो सकता है। (हालांकि ये घटना बहुत कम होती है क्योंकि छिपकली अधिकांश रात के समय बोलती है।)
  •  छिपकली अगर माथे पर गिरती है तो संपत्ति मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
  •  छिपकली  बालों पर गिरती है, इसका मतलब मृत्यु सामने खड़ी है।
  • दाहिने कान पर छिपकली का गिरना यानी आभूषण की प्राप्ति होगी।
  •  बाएं कान पर छिपकली का गिरना यानी आयु वृद्धि।
  •  नाक पर छिपकली गिरना यानी जल्द ही भाग्योादय होगा।
  •  मुख पर छिपकली गिरना यानी मधुर भोजन की प्राप्ति होगी।
  • बाएं गाल पर छिपकली गिरना यानी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। 
  • दाहिने गाल पर छिपकली गिरना यानी आपकी उम्र बढ़ेगी।
  •  गर्दन पर छिपकली गिरने का मतलब यश की प्राप्ति होगी।
  •  दाढ़ी पर छिपकली गिरने का मतलब आपके सामने जल्दा ही कोई भयावह घटना हो सकती है।
  •  मूंछ पर छिपकली गिरना यानी सम्मापन की प्राप्ति।

शकुन एवं अपशकुन - विविध

घर  में रोजाना काम में आने वाली चीजों से भी शकुन-अपशकुन जुड़े होते हैं, जो जीवन में कई महत्वपूर्ण मोड़ लाते हैं। शकुन शुभ फल देते हैं, वहीं अपशकुन इंसान को आने वाले संकटों से सावधान करते हैं। यहाँ घर से जुड़ी वस्तुओं के शकुनों के बारे में बता रहे हैं।

दूध सबंधी शकुन

  • सुबह-सुबह दूध को देखना शुभ कहा जाता है।
  • दूध का उबलकर गिरना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति, संपत्ति, मान व वैभव की उन्नति होती है।
  • दूध का बिखर जाना अपशकुन मानते हैं, जो किसी दुर्घटना का संकेत है।
  • दूध को जान-बूझकर छलकाना अपशकुन माना जाता है , जो घर में कलह का कारण है।

Saturday, February 3, 2018

हस्त रेखा - भाग्य रेखा


भाग्य रेखा - हृदय रेखा के मध्य से शुरु होकर मणिबन्ध तक जाती है। इस रेखा का उद्गम अधिकतर मध्यमा या शनि पर्वत से होता है।
  1. यदि किसी व्यक्ति की हथेली में भाग्य रेखा कलाई के पास मणिबंध से प्रारंभ होकर शनि पर्वत तक गई हो और दोष रहित है तो व्यक्ति भाग्यशाली होता है। ऐसे लोग जीवन में सफलताएं प्राप्त करते हैं। ऐसा व्यक्ति बहुत महत्वाकांक्षी और लक्ष्य पर केन्द्रित रहने वाला होता है।
  2. यदि हथेली में भाग्य रेखा जीवन रेखा से प्रारंभ हो तो व्यक्ति खुद की मेहनत से काफी अधिक धन प्राप्त करता है।
  3. जिन लोगों की हथेली में भाग्य रेखा चंद्र क्षेत्र से प्रारंभ हुई है, वे दूसरों की मदद या प्रोत्साहन से सफलता प्राप्त करने वाले हो सकते हैं।
  4. यदि चंद्र पर्वत से निकलकर कोई अन्य रेखा भाग्य रेखा के साथ-साथ चले तो व्यक्ति की शादी अत्यंत धनी परिवार में होती है। वह व्यक्ति किसी स्त्री की मदद से सफलताएं प्राप्त करता है।
  5. यदि भाग्य रेखा हथेली को पार करते हुए मध्यमा उंगली (मिडिल फिंगर) तक जा पहुंचे तो यह अशुभ योग दर्शाती है। ऐसा व्यक्ति खुद की गलतियों से हानि उठाता है।

Friday, February 2, 2018

हस्त रेखा - हृदय रेखा



हथेली पर हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा के उपर और अंगुलियों के नीचे होती है (चित्र में रेखा न. 3 ). हथेली में हृदय रेखा का अपना विशिष्ट स्थान है, यह रेखा अधिकांशत विवाह रेखा यानि सबसे छोटी अँगुली के लगभग एक इंच नीचे से निकल कर किसी क्षेत्र पर जा सकती है व किन्हीं भी रेखाओं से इनका संबंध हो सकता है।इसकी समाप्ति स्थान मुख्यतः गुरु पर्वत यानि तर्जनी अंगुली के नीचे होता है, लेकिन कभी-कभी इसका अंत शनि पर्वत या सूर्य पर्वत पर ही हो जाता है। किसी-किसी के हाथ में ये रेखा होती ही नहीं और किसी- किसी की हथेली में इस रेखा का मिलन मस्तिष्क रेखा पर होता है। 

  1. अगर हृदय रेखा दूसरे छोर तक पहुंचने से पहले ही बीच में टूट जाये या समाप्त हो जाये  तो  इससे   प्रेम संबंधों में बड़ी असफलता मिलने का संकेत होता है।
  2. हृदय रेखा से निकलते हुए अगर कोई रेखा सीधे शुक्र पर्वत पर जाकर मिलती है तो यह  धन और सफलता मिलने का संकेत है।
  3. अगर हृदय रेखा से निकलते हुए कोई रेखा सीधे गुरु पर्वत पर जाती है तो ऐसा व्यक्ति अत्याधिक धार्मिक प्रवृत्ति के साथ अत्यंत शिक्षित और सदाचार वाला होता है।
  4. अगर हथेली पर हृदय रेखा स्पष्ट और  साफ है तो इसका आशय है कि  ऐसा व्यक्ति बहुत संवेदनशील प्रकृत्ति का  हैं।
  5. अगर  हृदय रेखा चेन नुमा नजर आती है तो इसका अर्थ है कि ऐसा व्यक्ति बहुत चतुर और चालाक प्रवृत्ति के इंसान हैं।
  6. हृदय रेखा का सीधे अनामिका अंगुली से जाकर मिलना यह दर्शाता है कि ऐसा व्यक्ति बहुत स्वार्थी और सिर्फ अपने हितों का ही सोचने वाला है।
  7.  हृदय रेखा अपने उद्गम स्थान से निकल कर गुरु पर्वत तक जा पहुँचे तो ऐसा जातक धार्मिक, न्यायाधीश, प्रोफेसर, धर्म का ज्ञाता, पुजारी, राजनेता होकर सदैव प्रसन्न रहने वाला होगा। यहाँ यह जानना आवश्यक है की यह रेखा  कहीं से भी कटी या जंजीरदार नहीं होना चाहिए।
  8.  यदि हृदय रेखा का कहीं से कटा होना, फिर आगे बढ़ना दिखता है तो ऐसा व्यक्ति को हृदय से संबंधित विकार या अन्य कष्ट जैसे प्रेम में आघात दर्शाता  हैं।
  9.  हृदय रेखा यदि शनि पर्वत पर मुड़ जाए तो ऐसा व्यक्ति या तो बहुत निर्दयी होगा या बहुत ही दयावान-परोपकारी हो सकता है, क्योंकि शनि मोक्ष का भी कारक है।
  10.  हृदय रेखा का मिलाप यदि मस्तक रेखा से हो जाए तो ऐसा व्यक्ति सिर्फ अपने मन की ही करता है, दूसरों की बातों पर ध्यान नहीं देता।
  11.   हृदय रेखा का न होना उस जातक को कठोर बना देता है। उसके मन में दया का भाव ही नहीं होता।
  12.   हृदय रेखा जंजीर के समान हो तो वह व्यक्ति कपटी होता है, मन की बात किसी को भी नहीं बताता।
  13.  हृदय रेखा पर काला तिल होना ऐसा व्यक्ति के लिए अनिष्ठकारी होता है। ऐसा व्यक्ति निश्चित ही कलंकित होता है।
  14.  हृदय रेखा पर द्वीप का चिह्न होने पर  ऐसा व्यक्ति को बार बार धोखे मिलता है।
  15.  हृदय रेखा पर वृत्त का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति का मन अत्याधित कमजोर होता है ।
  16.  हृदय रेखा के मध्य गुच्छा जैसे कोई चिह्न दिखाई दे तो ऐसा व्यक्ति घमंडी होता है।
  17.  हृदय रेखा पर गुरु पर्वत के नीच पहुँचकर कई शाखाएँ हो तो ऐसा व्यक्ति शक्ति संपन्न व भाग्यशाली होगा।
  18.  बहुत पतली हृदय रेखा या बहुत गहरी लाल रंग की हो तो ऐसा व्यक्ति दुर्भाग्यशाली व कठोर होगा।
  19.  सामान्य से अधिक चौड़ी रेखा हो तो ऐसा व्यक्ति वायु विकार से ग्रस्त रहता है व उच्च रक्तचाप भी होता है।
  20.  शुक्र पर्वत से निकल कर कोई रेखा हृदय रेखा से जा मिले तो वह जातक अत्यधिक भोगी होगा।
  21.  चंद्र पर्वत से निकल कर हृदय रेखा पर जा पहुँचे तो उस जातक को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होता है।